आएंगे खत अरब से ये लिखा होगा।
गुरुकुल का हर ब्रह्मचारी हलचल मचा रहा होगा।।
गुरुग्राम सनातन धर्म जागृति विराट भक्ति सत्संग महोत्सव के विराम दिवस में कई पूज्य सन्त गीतामनीषी स्वामी ज्ञाननंद जी, स्वामी जितेंद्रानंद जी, महंत नवल किशोर दास जी स्वामी नारायण गिरी जी, स्वामी धर्मदेव जी, आचार्य प्रमोद कृष्ण जी, पूनम माताजी आदि उपस्थित हुए।।
23 फरवरी, समापन समारोह। विश्व जागृति मिशन गुरुग्राम मण्डल द्वारा आयोजित चार दिवसीय सनातन जागृति विराट भक्ति सत्संग महोत्सव का समापन समारोह देश के कई महान पूज्य सन्तों के आशीर्वाद से हुआ। इस शुभ अवसर पर पूज्य गुरुदेव ने सभी का स्वागत एवं अभिनन्दन करते हुए उनका सम्मान व्यास पीठ आने पर किया।
पूज्य महाराजश्री जी ने कहा कि सनातन संस्कृति एकजुट होने का सन्देश देती है। उन्होंने सनातन धर्म को बचाए रखने के लिए सभी पूज्य सन्तों का आह्वान करते हुए कार्य करने की सलाह दी। इस अवसर पर आए हुए सभी पूज्य सन्तों ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किए और एक साथ मिलकर सनातन संस्कृति के रक्षार्थ कार्य करने की सहमति बनी है।
कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम जी ने कहा कि जब तक लोकतंत्र जिंदा है, तभी तक सनातन जिन्दा है, पूज्य नारायण गिरी जी ने गुरुकुल खोलकर कार्य करने की मंशा जताई। पूज्य स्वामी जितेन्द्रानंद जी महाराज ने श्रद्धेय श्री सुधांशु जी महाराज द्वारा देश भर में सनातन संस्कृति को बचाने के कार्य की सराहना करते हुए कदम से कदम मिलाकर कार्य करने के लिए संकल्पबद्ध हुए। इस अवसर पर हज़ारों की संख्या में उपस्थित सनातनप्रेमियों ने सभी सन्तों द्वारा बोले गए सनातन संस्कृति रक्षा को सुनकर सभी भाव विभोर होकर सनातन संस्कृति को जन जन तक पहुंचाने और उसके रक्षा के लिए संकल्प लिए।
गीता मनीषी पूज्य स्वामी ज्ञानानन्द जी महाराज ने सनातन संस्कृति को जागृत करने का जो कार्य कर रहे हैं पूज्य श्री सुधांशु जी महाराज मैं उनको हृदय से नमन करता हूं। युग युग में भगवान आते हैं और धर्म और परम्पराओं की स्थापना करते आते हैं। सनातन धर्म हमारे भीतर का आदर्श है। स्वामी धर्मदेव जी महाराज ने कहा कि आज प्रयागराज में संगम पर अमृत स्नान हो रहे हैं, उसी की कृपा यहां पर प्रतीत हो रहा है श्री सुधांशु जी महाराज के माध्यम से। जहां सन्त होते हैं, वहीं पर कुम्भ होते हैं। हिन्दुस्तान हमारा है, हम जान से ज्यादा प्यार करते हैं इस ऋषि राष्ट्र को।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विजामि महामंत्री श्री देवराज कटारिया, कार्यक्रम अध्यक्ष श्री बोधराज सीकरी, कार्यकारिणी प्रधान श्री सुभाष ग्रोवर, विश्व जागृति मिशन गुरुग्राम मंडल प्रधान श्री नरेंद्र पाल चंडोक, श्री विजय अरोड़ा, श्री राजकुमार, श्री मनोज त्रिवेदी, श्री नरेश अग्रवाल, श्री धीरज सिंघल, धर्माचार्य हरीश उपाध्याय आदि पूरी टीम का सहयोग सराहनीय रहा। मंच का कुशल संचालन श्री शंभूनाथ पांडे ने कुशलतापूर्वक किया।।