मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में आज 28/03/25 को
: रमज़ान के मुकद्दस महीने के आखिरी जुमा (अलविदा जुमा) पर शहर की सभी मस्जिदों और सेक्टर 29 लेजर वैली ग्राउंड में नमाज़ अदा की गई। इस मौके पर इमामों और धर्मगुरुओं ने अमन, भाईचारे और समाज में आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की।
शहर की प्रमुख मस्जिदों में बड़ी संख्या में रोज़ेदारों ने नमाज अदा की और मुल्क की तरक्की, शांति और सौहार्द के लिए दुआ की। सेक्टर 29 लेजर वैली ग्राउंड में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने एक साथ नमाज अदा की। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, और प्रशासन ने नमाजियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की थीं।
इमामों और धर्मगुरुओं की नसीहत:
खुतबे (प्रवचन) में इमामों ने रमज़ान के पाक महीने की शिक्षा को जीवन में उतारने की अपील की। *मुफ्ती अब्दुल हसीब क़ासमी (फाउंडर) गुरुग्राम इमाम संगठन शहर क़ाज़ी ने कहा*,
"रमज़ान सिर्फ उपवास का महीना नहीं, बल्कि यह धैर्य, संयम, करुणा और आपसी भाईचारे को मजबूत करने का संदेश देता है। हमें चाहिए कि इस पवित्र महीने की सीख को पूरे साल अपनी जिंदगी में अपनाएं ।"
रमज़ान के महत्वपूर्ण संदेश:
ज़रूरतमंदों की मदद करना और गरीबों का ख्याल रखना
सच, ईमानदारी और सदाचार के रास्ते पर चलना
समाज में एकता और प्रेम बनाए रखना
आपसी विवादों से बचते हुए मेल-जोल और भाईचारा बढ़ाना
नमाज अदा करने के बाद लोगों ने एक-दूसरे को ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं और गले मिलकर प्रेम और सौहार्द का इज़हार किया।
प्रशासन और समाजसेवियों का योगदान
शहर में प्रशासन ने नमाजियों की सहूलियत के लिए विशेष इंतजाम किए। विभिन्न समाजसेवी संगठनों ने भी इफ्तार और ज़रूरतमंदों के लिए भोजन वितरण जैसे कार्य किए।
समाप्ति:
अलविदा जुमा के इस पावन मौके पर पूरे शहर में भाईचारे और शांति का संदेश गूंजा। गुरुग्राम इमाम संगठन ने अपील की कि रमज़ान की इस पाक भावना को सिर्फ एक महीने तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं और हमेशा इंसानियत और प्रेम का संदेश फैलाते रहें।
मुफ्ती अब्दुल हसीब क़ासमी फाउंडर गुरुग्राम इमाम संगठन एवं शहर क़ाज़ी